प्रतियोगिता इतनी महत्वपूर्ण क्यों है ?

 


चार्ल्स श्वाब का एक मिल मैनेजर था। जिसकी मिल में मजदूर पर्याप्त उत्पादन नहीं कर रहे थे। 

चार्ल्स श्वाब ने मैनेजर से पूछा "ऐसा क्यों है कि आप जैसा सक्षम मैनेजर होने के बावजूद यहां पर पर्याप्त उत्पादन नहीं हो रहा है। "
मैनेजर ने जवाब दिया,"मैं नहीं जानता मैंने मजदूरों को समझाया प्रोत्साहित किया, उन्हें लालच भी दिया ,मैंने उन्हें डराया ,धमकाया नौकरी से निकालने का डर भी दिखाया। परंतु कोई फायदा नहीं हुआ। वे  किसी तरह पर्याप्त उत्पादन नहीं कर रहे हैं। "

चर्चा शाम को हो रही थी और रात वाली शिफ्ट में काम करने वाले मज़दूर काम पर आने वाले थे। चार्ल्स श्वाब ने  मैनेजर से चाक का एक टुकड़ा लाने के लिए कहा और फिर उसने पास खड़े एक मजदूर  से  पूछा "आज तुम्हारे शिफ्ट  ने कितनी हिट्स की ? " छः। " 

 बिना कुछ कहे चार्ल्स श्वाब ने चौक से फर्श पर बड़े अक्षरों में "6 " लिख दिया।  और चला गया। 

जब रात वाले शिफ्ट काम पर आए तो उन्होंने  6  लिखा देखा और पूछा कि इसका क्या मतलब है। 

दिन की शिफ्ट के लोगों ने बताया,"आज बड़े बॉस आए थे। उन्होंने हमसे पूछा कि हमारी शिफ्ट ने कितनी हिट्स की और हमने उन्हें बताया कि हमने 6 हिट्स की थी। उन्होंने इसी को फर्श पर लिख दिया है। "

          अगली सुबह जब  चार्ल्स श्वाब फिर से मिल पहुंचा तो रात वाली शिफ्ट ने "6 " मिटा कर उसकी जगह बड़े बड़े अक्षरों में "7 " लिख दिया। 

जब दिन की शिफ्ट के लोग अगली सुबह काम पर आए तो उन्होंने देखा कि फर्श पर बड़े-बड़े अक्षरों में 7  लिखा हुआ है। अच्छा तो नाइट शिफ्ट वाले समझते हैं कि वह हमसे ज्यादा योग्य हैं। उन्हें सबक सिखाना ही पड़ेगा डे शिफ्ट वालों ने उत्साह से काम किया और जब शाम को वह घर जाने लगे तो जाते-जाते उन्होंने बड़े बड़े अक्षरों में 10 लिख दिया था। काम बहुत तेजी से होने लगा था। 

       कुछ ही समय में जिस मिल का उत्पादन पर्याप्त से बहुत कम हो रहा था। उसमें प्लांट की किसी और मिल से अधिक उत्पादन होने लगा इस घटना से हमें क्या शिक्षा मिलती है? 

 चार्ल्स श्वाब को ही अपने शब्दों में कहने दे ,"काम करवाने का तरीका है: प्रतियोगिता को प्रेरित करना। प्रतियोगिता से मेरा मतलब पैसे कमाने वाले घटिया प्रतियोगिता से नहीं है बल्कि श्रेष्ठ होने की आकांक्षा से है। "

 श्रेष्ठ होने की आकांक्षा ! चुनौती ! उत्साही लोगों को प्रेरित करने का अचूक तरीका है। 


चुनौती के बिना थीओडोर रूज़वेल्ट  अमेरिका के राष्ट्रपति कभी नहीं बने होते। क्यूबा से वापस लौटने के बाद उन्हें न्यूयोर्क स्टेट के गवर्नर पद का उम्मीदवार बनाया गया। विपक्षी पार्टी ने यह खोज लिया की वे इस राज्य के वैध नागरिक नहीं थे। इस पर रूज़वेल्ट घबरा गए और अपना नाम वापस लेने के बारे में सोचने लगे। तभी न्यूयोर्क के  अमेरिकी सीनेटर थॉमस प्लैट  ने उनके सामने चुनौती पेश की। थिओडोर रूज़वेल्ट के सामने अचानक आकर उहोंने अपनी जोरदार आवाज़ में कहा , " क्या जुआन हिल का हीरो डरपोक है,कायर है,?"

     रूज़वेल्ट  ने मैदान नहीं छोड़ा और बाकी इतिहास है एक चुनौती ने ना सिर्फ उनकी जिंदगी बदल दी ,बल्कि उनके देश के भविष्य पर भी इसका बहुत अधिक प्रभाव पड़ा। 

      प्राचीन ग्रीस में किंग्स गार्ड का आदर्श वाक्य था। "डरते सभी हैं परंतु बहादुर लोग अपने डर को एक तरफ रख देते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। हालांकि कई बार वे मर जाते हैं परंतु जीत हमेशा उन्हीं की होती है "अपने डर को जीतने के अवसर से बड़ी चुनौती और क्या हो सकती है?

 जब अल स्मिथ न्यूयोर्क  के गवर्नर थे, तो उन्होंने भी चुनौती देने की तरकीब अपनाई उस समय की सबसे बड़ी कुख्यात सिंग सिंग  जेल में कोई वार्डन नहीं था। जेल की दीवारों को लेकर कई अफवाहें और स्कैंडल हवा में थे स्मिथ को सिंग सिंग के वार्डन के रूप में एक दमदार आदमी की जरूरत थी। -एक लौहपुरुष की परंतु कौन ?उन्होंने New Hampton के लुईस लॉज को बुलवाया। 

  सिंग सिंग के वार्डन बनने के बारे में आपका क्या विचार है ?"उन्होंने  मुस्कुराते हुए लुईस से  पूछा। "वहां पर किसी अनुभवी आदमी की जरूरत है। "

लुईस हक्का-बक्का रह गया वह  सिंग सिंग के खतरों से वाकिफ था। यह एक राजनीतिक अपॉइनमेंट था और राजनेताओं के मूड पर निर्भर करता था। बहुत से वार्डन आए थे और आकर चले गए थे। -उनमें से एक तो सिर्फ तीन सप्ताह ही टिक पाया था। उसे अपने करियर के बारे में चिंता होना स्वाभाविक था। क्या खतरा मोल लिया जाना चाहिए ?
स्मिथ ने उसकी झिझक को देख  लिया। वह अपनी कुर्सी में पीछे की ओर मुस्कुराया ,"देखो यंग मैन " मैं तुम्हें दोष  नहीं देता कि तुम डर रहे हो। काम बहुत कठिन है। वहां पर जाने और बने रहने के लिए एक बड़े दमदार आदमी की जरूरत है। "
 इसलिए लुईस गया। और वहां बना रहा। वही बने रहते हुए वह अपने समय का सबसे प्रसिद्ध वार्डन बन गया उसकी पुस्तक 20,000 years in sing  sing  की लाखों प्रतियां बिकी। उनकी रेडियो वार्ताओं और जेल के जीवन की उनकी कहानियों  ने  दर्जनों फिल्मों को प्रेरित किया। अपराधियों के "मानवीयकरण " के उनके तरीके जेल सुधार के क्षेत्र में चमत्कारी साबित हुए। 

महान फायरस्टोन टायर एंड रबर कंपनी के संस्थापक हार्वे फायरस्टोन ने कहा,"  मैं यह नहीं मानता कि तनख्वाह केवल तनख्वाह से अच्छे लोगों को अपनी कंपनी में लाया जा सकता है या फिर उन्हें वहां रखा जा सकता मुझे लगता है कि असली आकर्षण तो काम की प्रकृति है। "

महान Behavioral Scientist  frederick herzberg  बार इस बात से सहमत हैं। उन्होंने हजारों लोगों के काम के नजरिया का गहराई से Study किया। जिनमें फैक्ट्री के मजदूरों से लेकर सीनियर एग्जीक्यूटिव तक शामिल थे।  आपको क्या लगता है कि उनके शोध में कौन सा तत्व सबसे प्रेरक रहा होगा। -उनके काम का कौन सा पहलु उन्हें सबसे अधिक आनंद  देता होगा ? पैसा? काम का अच्छा माहौल? दिगर  सुविधाएं ? नहीं - इनमें से कोई नहीं वह सबसे बड़ा तत्व जिससे लोगों को प्रेरणा मिलती थी वह था काम की प्रकृति। अगर काम रोचक और चुनौतीपूर्ण है तो लोग उस काम को करने के लिए प्रेरित होंगे और अच्छी तरह से करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। 

यही हर सफल व्यक्ति पसंद करता है  : चुनौती आत्म-अभिव्यक्ति का अवसर है। वह अवसर जिससे वह अपना मूल्य अपनी श्रेष्ठता सिद्ध कर सके, जीतकर दिखा सके इसी वजह से तो प्रतियोगिताएं इतनी लोकप्रिय हैं। श्रेष्ठ होने की आकांक्षा। महत्वपूर्ण होने की आकांशा। 

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