आलोचना करें पर ऐसे की सब आपकी तारीफ करें !


 चार्ल्स श्वाब एक दिन अपनी स्टील मिल में घूम रहे थे, कि तभी उन्होंने कुछ कर्मचारियों को सिगरेट पीते देखा। उनके सिर के ठीक ऊपर  एक बोर्ड लगा हुआ था," धूम्रपान वर्जित है। " क्या श्वाब ने उस बोर्ड की तरफ इशारा करके उनसे यह कहा ,"क्या तुम इसे नहीं पढ़ सकते", नहीं ,नहीं,  यह श्वाब का तरीका नहीं था। श्वाब उन लोगों के पास गए।  उन्हें एक-एक सिगार दिया और कहा," देखो " मैं चाहूंगा कि तुम लोग इस सिगार  को बाहर जाकर पियो। " कर्मचारी जानते थे कि श्वाब ने उन्हें नियम तोड़ते हुए देख लिया है - परंतु वे  श्वाब  से  इसलिए प्रभावित थे क्योंकि उन्होंने उन्हें एक छोटा सा तोहफा दिया था, उन्हें डांटा नहीं था और उन्हें उनके महत्व का एहसास कराया था।   ऐसे आदमी को कौन पसंद नहीं करेगा? 

 जॉन वानामेकर ने भी इसी तकनीक का इस्तेमाल किया वानामेकर फिलाडेल्फिया में दिन में कई बार अपने बड़े स्टोर का चक्कर लगाते थे।  एक बार उन्होंने अपने स्टोर में एक ग्राहक को काउंटर पर इंतजार करते देखा कोई भी सेल्स क्लर्क उस ग्राहक की तरफ ध्यान नहीं दे रहा था।  सेल्समैन एक कोने में खड़े होकर गपशप और हंसी मजाक कर रहे थे।वानामेकर ने  किसी से कुछ नहीं कहा उन्होंने चुपचाप काउंटर के पीछे जाकर उस महिला को सामान दिया और जाते हुए उस सामान को सेल्समैन को पैक करने के लिए दे दिया।

 सरकारी अधिकारियों से मिलना आम लोगों के लिए आसान नहीं होता वे  लोग व्यस्त होते हैं और कई बार तो अति उत्साही कर्मचारी अपने बॉस की व्यस्तता को देखते हुए ज्यादा लोगों को अपने अधिकारी तक पहुंचने से रोकते हैं ।  औरलौंडे, फ्लोरिडा के मेयर कार्ल लैंगफोर्ड ने कई वर्षों तक अपने स्टाफ को निर्देश दिए कि वे जनता को मिलने से ना रोके।  उनका दावा" खुले दरवाजे " की नीति का था।  इसके बावजूद सेक्रेटरी और प्रशासक लोग उनके समुदाय के नागरिकों को उनसे मिलने नहीं देते थे।  

      आखिरकार मेयर ने इस समस्या का हल ढूंढ ही लिया उन्होंने।  अपने ऑफिस का दरवाजा ही हटवा दिया !उनके स्टाफ को संदेश मिल गया और जिस दिन से दरवाजा प्रतीकात्मक रूप से हटा ,उसी दिन से मेयर  का प्रशासन सचमुच "खुले दरवाजे" की नीति पर चलने लगा। 

 कई बार तो सिर्फ तीन अक्षरों के एक शब्द को बदलने से ही  बहुत फर्क पड़ जाता है इस एक शब्द के हेरफेर से आप लोगों को क्रोध ,चीड़ इत्यादि से बचा सकते हैं।  और इसी वजह से आप सफल या असफल हो सकते हैं। उदाहरण के तौर पर बच्चे के पढ़ाई के प्रति दृष्टिकोण को लेकर हम कहते हैं। " हमें तुम पर सचमुच गर्व है अमर  कि तुम परीक्षा में अच्छे नंबर लाये।  परंतु अगर तुमने गणित में ज्यादा मेहनत की होती है तो तुम्हारे नंबर और अच्छे होते हैं" यह बात सुनकर अमर  तब तक उत्साहित रहता है जब तक कि वह" परंतु "नहीं सुनता इसके बाद वह मूल प्रशंसा पर भी संदेह करने लगता है। उसे लगता है कि यह तारीफ दरअसल उसकी असफलता की और एक छुपा हुआ इशारा है। इस तरह हमारी विश्वसनीयता खत्म हो जाएगी और हम पढ़ाई के प्रति अमर के रवैया को बदलने के अपने मकसद में कभी कामयाब नहीं हो पाएंगे। 
         पर अगर हम" परंतु "के बजाय "और " शब्द का प्रयोग करें तो अमर  को ऐसा नहीं लगेगा।  "हमें तुम पर गर्व है अमर , कि तुम परीक्षा में अच्छे नंबर लाये और अगर तुम इसी तरह से मेहनत करते रहे तो अगली बार बाकी विषयों के साथ तुम गणित में भी अच्छे नंबर लाओगे।  "

      अब  अमर  को अपनी तारीफ स्वीकार करने में कोई हिचक नहीं होगी ,क्योंकि इसमें असफलता की मिलावट नहीं की गई है।   हमने अप्रत्यक्ष रूप से यह बताया है कि हम उसमें क्या बदलाव देखना चाहते हैं और इस बात की संभावना है कि वह हमारी अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा। 

      अप्रत्यक्ष रूप से आलोचना करना तब भी उचित रहता है, जबकि आपका पाला किसी ऐसे संवेदनशील व्यक्ति से हो जो सीधी या कटु आलोचना से बुरी तरह सकता है।  फिलाडेल्फिया  के जैकब  ने हमारी क्लास को बताया कि किस तरह उन्होंने लापरवाह मजदूरों से सफाई करवाई जब वे लोग उसके घर में अतिरिक्त बिल्डिंग बना रहे थे।

                     काम के शुरुआती दिनों में जब मैसेज जैकब ऑफिस से लौटती थी ,तो वह देखती थी कि उनके लोन में ढेर सारा कचरा और मलवा पढ़ा हुआ है। वे  मजदूरों या निर्माताओं को नाराज नहीं करना चाहती  थी , क्योंकि उनका काम बेहतरीन था।  इसलिए जब मजदूर घर चले गए तो उन्होंने और उनके बच्चों ने सारे मलबे को इकट्ठा करके एक कोने में जमा कर दिया।  अगली सुबह उन्होंने ठेकेदार  को एक तरफ बुलाकर उससे कहा ,"मैं खुश हूं कि कल रात आपने लोन को अच्छी तरह से साफ कर दिया था यह सुंदर और साफ है और इससे पड़ोसियों को भी कोई दिक्कत नहीं होती।  "उस दिन के बाद से मजदूर जाते समय सारे मलबे को एक तरफ इकट्ठा करके रखने लगे और ठेकेदार हर दिन यह प्रशंसा सुनने के लिए आता था कि काम के बाद लॉन  को कितनी अच्छी स्थिति में छोड़ा गया था। 

          सैन्य प्रशिक्षुओं  और सैन्य प्रशिक्षको  के बीच बाल काटने के विषय में अक्सर विवाद होता है  प्रशिक्षु अपने आप को सिविलियन समझते हैं ( जो अधिकांश समय रहते हैं ) और अपने बाल छोटे नहीं करवाना चाहते हैं 
      542 में यू एस ए आर. स्कूल के मास्टर सार्जेंट हार्ले कैसर  इस समस्या का सामना तब किया जब वे रिजर्व नॉन कमीशंड ऑफिसर के एक समूह के साथ काम कर रहे थे।  पुराने सैन्य मास्टर सार्जेंट  के रूप में उसे इन लोगों को डांटना फटकारना और धमकाना चाहिए था।  इसके बजाय उसने अपनी बात को अप्रत्यक्ष रूप से कहने का फैसला किया। 

 उसने कहा ,"सज्जनों " आप लोग लीडर्स  हैं। आप लोग तब सबसे अधिक प्रभावी होंगे जब आप उदाहरण पेश करेंगे।  आपको ऐसे उदाहरण पेश करने चाहिए  कि आपके लोग आपका अनुसरण करें आप जानते हैं कि बाल कटवाने के बारे में सेना के नियम क्या है।  मैं आज अपने बाल कटवाने जा रहा हूं हालांकि यह  आप में से कुछ लोग के बाल  से  काफी छोटे हैं।  आप भी अपने सिर को शीशे में देखें और अगर आपको लगे कि आपको अच्छा उदाहरण पेश करने के लिए बाल कटवाने की जरूरत है तो हम नाई  की व्यवस्था करवा देंगे " 

                 परिणाम वहीं निकला जिसकी आशा थी।  कुछ प्रशिक्षुओं ने शीशे में देखा और वे लोग दोपहर में नाई की दुकान में गए और वहां पर" रेगुलेशन" हेयरकट करवाई सार्जेंट कैसर ने अगली सुबह टिप्पणी की कि वे देख सकते हैं कि उनके स्क्वाड के कुछ लोग में लीडरशिप के गुण विकसित हो रहे हैं। 

8 मार्च, 1887 को हेनरी बीचर  की मृत्यु हो गई। लाइनमैन एबोट  को आमंत्रित किया गया वे अगले रविवार को       बीचर की मृत्यु के बारे में चर्च में बोले। वे अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहते थे। इसलिए उन्होंने भाषण लिखा, दोबारा लिखा और फ्लाबेयर  की तरह पूरी सावधानी उसे तराशा।  फिर उन्होंने इसे अपनी पत्नी को पढ़कर सुनाया। जैसा कि ज्यादातर लिखे भाषणों के साथ होता है। उनकी पत्नी में अगर कम बुद्धि होती तो वह  स्पष्ट रूप से यही बात कह देती , "लाइनमैन, यह तो बहुत बेकार भाषण है इससे काम नहीं चलेगा। लोग इसे सुनकर सो जाएंगे। यह  किसी इनसाइक्लोपीडिया की तरह लगता है सालों के बाद सालों के अनुभव के बाद तो तुम्हें यह पता होना चाहिए कि अच्छा भाषण कैसे दिया जाता है।  भगवान के लिए, तुम आम आदमियों की तरह बात क्यों नहीं करते?  तुम स्वाभाविक शैली का इस्तेमाल क्यों नहीं करते? अगर तुम इस भाषण को पढ़ोगे, तो लोग-बाग तुम्हारी हंसी उड़ाएंगे और तुम्हारा नाम मिट्टी में मिल जाएगा।"

 
      वह यह बात कर सकती थी परंतु आप जानते हैं कि अगर वह ऐसा कह दी तो इसका परिणाम क्या होता वह भी यह बात जानती थी इसलिए उसने इतना ही कहा कि नार्थ अमेरिकन रिव्यु के लिए बहुत बढ़िया लेख हो सकता है।  दूसरे शब्दों में उसने इस भाषण की तारीफ की और साथ ही बड़ी चतुराई से यह सुझाव भी दे दिया कि भाषण के रूप में या बहुत अच्छा नहीं होगा। लाइनमैन एवर्ट ने इस छुपे हुए संकेत को समझ लिया।  उसने अपने लिखे हुए भाषण को फाड़ दिया और बिना लिखे ही भाषण दिया। 

                  दूसरों की गलती सुधारने का बढ़िया तरीका यह है..... 
                      लोगों की गलतियां सीधे तरीके से ना बताएं। 

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