लोगों की दिलचस्पी अपने में कैसे जगाएं ?

    
 
Theodore Roosevelt - रूज़वेल्ट अमेरिका के 26th राष्ट्रपति थे।  उनसे  मिलने वाला हर अतिथि उनके ज्ञान के अथाह  भंडार से चमत्कृत हो जाता था।  चाहे मिलने वाला काऊबॉय हो या अमेरिका  का राजनेता या कूटनीतिज्ञ रुजवेल्ट जानते थे।  कि किससे क्या कहना है।  और वे ऐसा किस तरह जानते थे?  जवाब आसान है जब भी रुजवेल्ट को किसी से मिलना होता था।  तो वे एक रात पहले उस विषय का अध्ययन करते थे। जिसमें आगंतुक  की रूचि होती थी।  
  क्यों? क्योंकि रुजवेल्ट जानते थे, जैसा कि सभी नेता जानते हैं, किसी व्यक्ति के दिल का रास्ता उसके पसंदीदा विषयों के बारे में बात करने से होकर गुजरता है। 

 निबंधकार और येल में अंग्रेजी साहित्य के प्रोफेसर Williams Phelps ने यह सबक अपने बचपन में ही सीख लिया था।
     " जब वे  8 साल के थे  और अपनी  आंटी लिब्बी के  घर पर स्ट्रैटफोर्ड में छुट्टियां बिता रहे थे।"वे अपने निबंध Human Nature  में लिखते हैं, तो एक दिन शाम को एक अधेड़ व्यक्ति मेरी चाची से मिलने आया और उनसे थोड़ी देर बातें करने के बाद उसने मुझ पर अपना ध्यान केंद्रित किया। उस समय मैं नावों को लेकर रोमांचित था। और आगंतुक ने इस विषय पर इतने बढ़िया तरीके चर्चा की कि मुझे उस में बहुत मजा आया।  जब वह चला गया तो मैंने उसकी बहुत तारीफ की कितना बढ़िया आदमी था मेरी आंटी ने मुझे बताया कि वह न्यूयॉर्क का वकील था। और उसे नाव में जरा भी रुचि नहीं थी' फिर वह मुझसे पूरे समय नावों  के बारे में चर्चा क्यों करता रहा?'
      " क्योंकि वह समझदार और सभ्य आदमी था।  वह जानता था कि तुम्हारी  दिलचस्पी नाव में थी।  और इसलिए उसने इस विषय में तुमसे बातें की ताकि उसकी बातें तुम्हें रोचक लगे  और तुम्हें तुम्हें खुशी मिले उसने तुम्हारे लिए खुद को रोचक बनाया था इसलिए तुम्हें इतना पसंद आया। "
              और Williams Phelps कहते हैं। "मैं अपनी आंटी की यह बात कभी नहीं भुला। "

जब Author यह अध्याय लिख रहे थे।  तो उनके सामने Edward kailif  का एक पत्र रखा हुआ था।"  एक बार Author को मदद की जरूरत थी। एक बड़ी स्काउट जंबूरी यूरोप जाने वाली थी और लेखक चाहता था।  कि अमेरिका के एक बड़े कारपोरेशन के प्रेसिडेंट मेरे एक बच्चे को ट्रिप पर भेजने का खर्च उठाएं। "
     सौभाग्य से,उनसे मिलने जाने से ठीक पहले मैंने सुना कि उन्होंने 10 लाख डॉलर  का एक चेक काटा था जो कैंसिल हो जाने के बाद उन्होंने  रख लिया था। 

       "उनके ऑफिस में घुसते ही मैंने सबसे पहले उनसे 10 लाख डॉलर  के बारे में पूछा 10 लाख डॉलर का चेक मैंने उन्हें बताया कि मैंने किसी को इतनी बड़ी रकम का चेक काटते नहीं सुना है। और मैं अपने बच्चों को यह बताना चाहता था।  कि मैंने अपनी आंखों से $1000000 का चेक सचमुच देखा था। उन्होंने मुझे खुशी-खुशी चेक दिखा दिया। मैंने इसकी प्रशंसा की और उनसे पूछा कि यह चेक क्यों और किस तरह काटा गया।"
   
             आप ध्यान दें, मिस्टर कैलिफ  ने मुलाकात की शुरुआत में स्काउट  या यूरोप की जंबूरी या अपनी ख्वाहिश के बारे में बात नहीं की। वे उस चीज में दिलचस्पी ले रहे थे, जिसमें सामने वाले की  दिलचस्पी थी। उसका परिणाम यह हुआ:  "कुछ देर बाद प्रेसिडेंट ने पूछा अच्छा आप मुझसे मिलना क्यों चाहते थे? मैंने उनके सामने अपनी बात रख दी। 
         " मुझे बहुत हैरत हुई , मिस्टर कैलिफ  ने आगे बताया ,जब उन्होंने ना सिर्फ मेरा आग्रह तत्काल पूरा कर दिया,बल्कि मैंने जितना मांगा था,उससे ज्यादा दिया।  मैंने अपने एक बच्चे को यूरोप भेजने के लिए कहा था उन्होंने मेरे 5 बच्चों और मुझे यूरोप भेजने का बंदोबस्त कर दिया। यही नहीं उन्होंने हमें $1000 का क्रेडिट लेटर भी दिया और हम सब को यूरोप में 7 हफ्ते तक रुकवाया। उन्होंने अपनी कंपनी के ब्रांच प्रेसिडेंट को पत्र लिखकर उनसे कहा कि वे हमारी सुख सुविधा का ध्यान रखें। वे हमसे पेरिस में मिले और उन्होंने हमें पेरिस की सैर  भी  कराई। तब से उन्होंने कई ऐसे युवकों को नौकरी भी दी है जिनके माता-पिता गरीब थे और वे अब  भी  हमारे समूह में सक्रिय हैं। 
           " परंतु मैं जानता हूं कि अगर मैंने यह बात यह पता नहीं लगाया होता कि उनकी रूचि किस क्षेत्र में है और उनके चेक में दिलचस्पी नहीं दिखाई होती तो ,मेरे लिए उनसे अपनी बात मनवाना 10 गुना अधिक मुश्किल होता "

              क्या यह बिजनेस में भी एक बहुमूल्य तकनीक है? आइए देखते हैं  David and sons  के .Henry g . David   की आपबीती सुने जिनकी न्यूयॉर्क में होलसेल की बैंकिंग फॉर्म थी। 

          Mr. David न्यूयोर्क  के एक होटल को ब्रेड सप्लाई  करने की कोशिश कर रहे थे।  वे 4 साल से हर हफ्ते मैनेजर से मिलने जा रहे थे। वे उन सामाजिक समारोह में जाते थे, जहां मैनेजर जाता था। Mr. David  ने उस होटल में कमरा तक लिया और वहां रहने लगे ताकि उन्हें बिजनेस मिल जाए परंतु उन्हें किसी तरह कामयाबी नहीं मिली।
 
फिर  Mr. David, ने कहा  "मानवीय संबंधों के अध्ययन के बाद मैंने अपना तरीका बदलने का निश्चय किया। मैंने यह पता लगाया।  कि मैनेजर की दिलचस्पी किस बात में मैं है। 
"  मुझे पता चला कि वह मैनेजर अमेरिका के होटल एग्जीक्यूटिव कि एक सोसाइटी से ताल्लुक रखता है जिसका नाम होटल ग्रीटर्स  ऑफ अमेरिका है। वह न सिर्फ इससे  ताल्लुक रखता था बल्कि वह इसे लेकर इतना उत्साहित था।  कि वह इस संगठन का प्रेसिडेंट बन गया और इंटरनेशनल ग्रीटर्स संस्था का भी प्रेसिडेंट बन गया। चाहे इसके सम्मेलन जहां भी हो वह इसकी हर बैठक में भाग लेने जाता था। 
"  इसलिए जब मैं अगली बार उससे मिलने गया तो मैंने उससे ग्रीटर्स  संस्था के बारे में बातें करना शुरू किया। और इस पर उसकी प्रतिक्रिया कितनी अद्भुत थी ! मैं आपको बता नहीं सकता कितनी अदभुत !! वह मुझे ग्रीटर्स  के बारे में आधा घंटे तक बात करता रहा और उसकी आवाज में उत्साह और जोश साफ-साफ झलक रहे थे।  मैं यह देख सकता था की यह सोसाइटी ना सिर्फ उसकी हावी थी बल्कि उसके जीवन का एक प्रमुख हिस्सा था जब मैं उसके  ऑफिस से बाहर निकला तो उसने मुझे इस संस्था की सदस्यता दे  दी थी। 
 
       " इस दौरान मैंने अपनी ब्रेड का जिक्र तक नहीं किया था परंतु कुछ दिनों बाद उसके होटल के स्टीवर्ट ने मुझे फोन किया की  मैं सैंपल और कीमतें लेकर पहुंच जाऊं। वह  नहीं जानता था कि आपने  मालिक पर क्या जादू कर दिया है स्टीवर्ट ने कहा- वे निश्चित रूप से आपसे बहुत प्रभावित हैं जरा सोचिए ! मैं बिजनेस हासिल करने के लिए इस आदमी के पीछे 4 साल से चक्कर काट रहा था और  मैं आज भी उसके पीछे चक्कर काट रहा होता अगर मैं यह पता लगाने का कष्ट नहीं उठाता कि उसकी रूचि किस बात में है।  और उसे किस विषय पर बात करने में आनंद मिलता है। "

     मैरीलैंड में हैजर्सटाउन के एडवर्ड हैरी  ने सेना की अपनी नौकरी पूरी करने के बाद मैरीलैंड की सुंदर कंबर लैंड  में रहने का फैसला किया दुर्भाग्य से उस इलाके में बहुत कम नौकरियां उपलब्ध थी थोड़े से शोध के बाद इस तथ्य का पता चला कि एक असामान्य और सनकी बिजनेसमैन  आर जे फाँकहाउसर   उस इलाके की बहुत सी कंपनियों का या तो मालिक था या फिर उनका नियंत्रण उसके हाथ में था।  इस बिजनेसमैन के गरीबी से अमीरी के सफर ने मिस्टर एडवर्ड हैरी  को चकरा दिया नौकरी खोजने वालों के लिए उस तक पहुंचना संभव नहीं था मिस्टर हैरि  लिखते हैं 
,मैंने बहुत से लोगों का इंटरव्यू लिया और पाया कि उसकी  मुख्य रूचि  सत्ता और धन में थी क्योंकि वह एक समर्पित और कठोर सेक्रेटरी के प्रयोग के द्वारा मुझ जैसे लोगों को दूर रखने में सफल हो जाता है। इसलिए मैंने उस सेक्रेटरी की रूचियों  और लक्ष्यों का अध्ययन किया। और इसके बाद ही मैंने अपना अपॉइंटमेंट के लिए सेक्रेटरी से मिलने गया। वह पिछले 15 सालों से मिस्टर फंक हाउजर का उपग्रह थी जब मैंने उसे बताया कि मेरे पास मिस्टर फंक हाउजर के लिए एक प्रस्ताव है जो आर्थिक और  राजनीतिक सफलता में तब्दील हो सकता है। तो वह उत्साहित हो गई। मैंने उसके साथ इस विषय में भी बात की कि उसका  मिस्टर फंक हाउजर  की सफलता में कितना रचनात्मक योगदान है चर्चा के बाद  उसने मिस्टर फंक हाउजर  से मेरी मीटिंग तय करवा दी। 

   "मैं उसके विशाल  और शानदार ऑफिस में मैं इस निश्चय से घुसा था  कि मैं सीधे से नौकरी नहीं मांगूंगा। वह एक बड़ी सी नक्काशी दार desk  के पीछे बैठा हुआ था। और वह मुझ पर गरजा, आप क्या कहना चाहते हैं? 'मैंने जवाब दिया  मिस्टर फंक हाउजर  मुझे यकीन है कि मैं आपके लिए पैसा कमा सकता हूं वह तत्काल उठा और उसने मुझे एक बड़ी सी शानदार कुर्सी पर बैठने का निमंत्रण दिया। मैंने अपने विचारों को विस्तार से प्रस्तुत किया और इन विचारों को क्रियान्वित  करने के लिए अपनी योग्यताओं का भी वर्णन किया और उसके बाद मैंने यह भी बताया कि किस तरह इनसे उसकी व्यक्तिगत सफलता और बिजनेस की सफलता में वृद्धि हो सकती है। 
 मिस्टर फंक हाउजर ने मुझे तत्काल नौकरी पर रख लिया। और 20 साल से भी अधिक समय से मैं उनके बिजनेस का हिस्सा बना हुआ हूं।  और इससे हम दोनों को ही लाभ हुआ है। '

      सामने वाले व्यक्ति की रुचियों  के हिसाब से बातें करने से दोनों ही पक्षों को लाभ होता है।  कर्मचारी संप्रेषण के क्षेत्र के विशेषज्ञ हावर्ड जेड ने हमेशा इस सिद्धांत का अनुसरण किया है जब उनसे पूछा गया कि उन्हें इससे क्या फायदा हुआ तो मिस्टर जेड ने जवाब दिया उसे ना सिर्फ प्रत्येक व्यक्ति से अलग-अलग लाभ हासिल हुआ है बल्कि आम तौर पर सबसे बड़ा लाभ यह था जब भी वह किसी से बात करता था तो उसके दोस्तों का दायरा बढ़ जाता था 

       सामने वाले व्यक्ति की रुचि के विषय में बात करें। 

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