तत्काल प्रभावित करने का आसान तरीका


न्यूयोर्क के डिनर पार्टी में कुछ मेहमान आए थे। उनमें एक अमीर महिला भी थी, जिसे अभी भी बहुत सा पैसा विरासत में मिला था, वह लोगों पर अपनी छाप छोड़ना चाहती थी। इसी कारण उसने हीरों ,मोतियों और सोने के आभूषणों को खरीदने में बहुत खर्च किया था। परंतु उसने अपने चेहरे के भावों को सुधारने के लिए कुछ भी नहीं किया था। उसके चेहरे से स्वार्थ और लालच के भाव टपक रहे थे। वह इस सत्य को नहीं समझ पाई थी। जो हम सभी जानते हैं। आपके चेहरे के भाव आपके कपड़ों से अधिक महत्वपूर्ण होते है। 

चार्ल्स श्वाब  ने मुझे बताया था कि उनकी मुस्कुराहट का मोल दस लाख डॉलर  है।  और शायद वे इसकी कीमत कम बता रहे थे क्योंकि चार्ल्स श्वाब का व्यक्तित्व उनका आकर्षण और लोगों का दिल जीतने की उनकी कला ही उनकी असाधारण सफलता के कारण थे। और मनमोहक मुस्कान उनके व्यक्तित्व का सबसे आकर्षक हिस्सा थी। 

 हमारे काम शब्दों से ज्यादा तेज स्वर में बोलते हैं। आपकी मुस्कुराहट कहती है," मैं आपको पसंद करता हूं आपसे मिलकर मुझे खुशी होती है। आपको देखकर मैं खुश हुआ। "
 इसी वजह से हम कुत्तों को इतना प्यार करते हैं। वे आपको देखकर इतने  खुश हो जाते हैं कि खुशी से झूमने और उछलने लगते हैं इसलिए यह स्वाभाविक है कि हम भी उन्हें देखकर खुश होते हैं। यही बच्चे की मुस्कुराहट के बारे में भी सही है। 
क्या आपने किसी डॉक्टर के क्लीनिक में इंतजार कर रहे उदास चेहरे को देखा है, जो अपनी बारी का इंतजार करते हैं? मसूरी के रे टाउन में पशु चिकित्सक Stefan .k  ने बताया कि 1 दिन उनके मरीज काफी बड़ी संख्या में अपने पालतू जानवरों को लेकर टीका लगवाने आए थे। कोई भी एक दूसरे से बात नहीं कर रहा था। और उनमें से ज्यादातर लोग सोच रहे थे। कि डॉक्टर के क्लीनिक में समय बर्बाद करने के बजाय वे  कौन से काम निपटा सकते थे। उन्होंने हमारी क्लास को बताया : "6 या 7 मरीज वेटिंग रूम में थे तभी 9 महीने के बच्चे और एक बिल्ली के बच्चे को लेकर एक युवा महिला आई।  संयोग की बात थी कि वह युवती ऐसे आदमी के बगल में बैठ गई।  जो देरी के कारण सबसे अधिक विचलित और परेशान था।  कुछ समय के बाद बच्चे ने उस आदमी की तरफ देखा और मुस्कुरा दिया जैसा बच्चे अक्सर किया करते हैं। और उस आदमी ने क्या किया ? वही जो आप या मैं करते उसे भी उत्तर में मुस्कुराना पड़ा। जल्दी ही वह आदमी  उस युवती से उसके बच्चे के बारे में बात करने लगा। और अपने नाती पोतों के बारे में बताने लगा और कुछ ही समय बाद पूरा वेटिंग रूम चर्चा में शामिल हो गया। और बोरियत और तनाव का पूरा माहौल सुखद और आनंददायक अनुभव में बदल गया। 
 
    पर ध्यान रहे  झूठी मुस्कुराहट से कोई फायदा नहीं होगा। हम समझ जाते हैं कि यह बनावट्टी है और इसलिए हम उसे पसंद नहीं करते मैं जिस मुस्कुराहट की बात कर रहा हूं वह असली मुस्कराहट  होती है, दिल को छूने वाली मुस्कुराहट होती है  जो दिल से आती है और दिल तक पहुंचती है और इसीलिए बाजार में उसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है। 
मिशीगन यूनिवर्सिटी  में मनोविज्ञान के प्रोफेसर James.v  मुस्कुराहट के बारे में अपनी भावनाएं बताते हुए कहते हैं "मुस्कुराने वाले लोग ज्यादा अच्छी तरह से सिखा और बेच पाते हैं, और अपने बच्चों को ज्यादा सुखद ढंग से पाल पाते हैं मुस्कान में तेवर से ज्यादा शक्ति होती है।  इसलिए कोई बात सिखाने के लिए प्रोत्साहन दंड की तुलना में ज्यादा प्रभावित तरीका होता है। "
न्यूयोर्क  के एक बड़े डिपार्टमेंट स्टोर के एंप्लॉयमेंट मैनेजर ने मुझे बताया कि वह मनमोहक मुस्कुराहट वाले किसी कम पढ़े लिखे सेल्स क्लर्क को नौकरी पर रखना पसंद करेंगे जबकि उदासर गंभीर चेहरे वाले डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी को काम पर नहीं रखेंगे। मुस्कान  का प्रभाव बहुत शक्तिशाली होता है चाहे वह प्रवाह में दिखाई दे या ना दे अमेरिका की टेलीफोन कंपनियां एक प्रोग्राम "फोन पावर" चलाती है।  इस कार्यक्रम में कर्मचारियों को यह सिखाया जाता है कि अपनी सेवाएं यह सामान बेचने में टेलीफोन का उपयोग किस तरह किया जा सकता। इस कार्यक्रम में वह आपको यह सलाह देते हैं कि आप फोन पर बातें करते समय मुस्कुराए। आपकी 'मुस्कुराहट" आप की आवाज में सुनाई दे जाती है। 
Robert Cryer ओहियो की एक कंपनी में कंप्यूटर डिपार्टमेंट के मैनेजर थे  उन्होंने हमें यह बताएं कि उन्होंने एक मुश्किल से  भरे जाने वाले पद के लिए सही उम्मीदवार खोजने में किस तरह सफलता पाई : मैं अपने डिपार्टमेंट में एक ऐसे व्यक्ति को रखना चाहता था। जो कंप्यूटर साइंस में PhD हो। मैंने आख़िरकार आदर्श योग्यता वाले एक युवा को ढूंढ लिया जो न्यूयोर्क यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा  करने वाला था। कई बार फोन पर हुई चर्चा के दौरान मुझे मालूम हुआ कि उसे कई और कंपनियों के ऑफर भी मिले थे। उनमें से कई कंपनियां मेरी कंपनी से बड़ी और ज्यादा प्रसिद्ध थी। उसने जब हमारा ऑफर मान लिया। तो मुझे बेहद खुशी हुई।  जब वह हमारे यहां काम करने लगा। तो मैंने उससे पूछा कि उसने दूसरी कंपनियों के बजाय हमारी कंपनी में काम करने का फैसला क्यों किया।  वह एक  पल रुका और उसने कहा इसका कारण शायद यह है, कि दूसरी कंपनियों के मैनेजर मुझसे फोन पर ठंडे बिजनेसमैन वाले अंदाज में बात करते थे और मुझे ऐसा लगता था जैसे यह भी एक बिजनेस वार्ता है आपकी आवाज से ऐसा लगा जैसे आपको मुझसे बातें करके खुशी हो रही थी.....  जैसे आप सच में चाहते थे कि मैं आपकी कंपनी में काम करूं।'  आप समझ चुके होंगे कि मैं भी फोन पर मुस्कुराता रहता हूं। "

अमेरिका के एक बहुत बड़ी रबर कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर के चेयरमैन ने मुझसे कहा कि उनका यह मानना था कि आमतौर पर जब तक लोगों को किसी काम में मजा नहीं आता ,तब तक वे इसमें सफल नहीं हो पाते। यह  उद्योगपति उस पुरानी कहावत से सहमत नहीं था कि कड़ी मेहनत और सिर्फ कड़ी मेहनत ही  वह जादुई कुंजी है जो आपके सपनों के दरवाजे का ताला खोल देगी, उसका कहना था "मैं ऐसे बहुत से सफल  लोगों को जानता हूं जो सिर्फ इसलिए सफल हुए थे क्योंकि उन्हें अपने बिजनेस में मजा आ रहा था बाद में मैंने देखा कि जब इन लोगों को काम में मजा आना बंद हो गया। तो उनका धंधा भी मंदा हो गया। क्योंकि अब उन्हें अपने काम में बिल्कुल भी मजा नहीं आता था ,इसलिए अब वे  असफल होने लगे। "

मैंने हजारों बिजनेसमैन से आग्रह किया है कि वह 1 सप्ताह हर दिन प्रति घंटे किसी की तरफ देख कर मुस्कुराए इसका क्या प्रभाव होता है कुछ आइए देखते हैं यहां हमारे सामने न्यूयॉर्क स्टॉक ब्रोकर विलियम  स्टीनहार्ड का पत्र है उनका प्रकरण बहुत ही आम  है।  दरअसल इस तरह के सैकड़ों प्रकरण देखे जा सकते हैं। "मेरी शादी को 18 साल हो चुके थे। "मिस्टर स्टीनहार्ड  लिखते हैं, मैं अपनी पत्नी से ज्यादा बातें नहीं करता था। और उसकी तरफ देख कर मुस्कुराने का विचार मेरे दिल में कभी आया ही नहीं। मैं सोकर उठता था और तैयार होकर काम पर निकल पड़ता था। इस दौरान में 2 दर्जन से अधिक शब्द नहीं बोलता था। शायद मैं दुनिया का सबसे बोरिंग आदमी था। 

"जब आपने मुझे मुस्कुराने की सलाह दी और मुझसे इसके परिणाम पर चर्चा करने को कहा तो मैंने सोचा कि 1 सप्ताह तक ऐसा करके देखूंगा। अगली सुबह मैं बाल सवारते  समय शीशे में अपना उदास सा चेहरा देखा और खुद से कहा ,बिल आज तुम अपने चेहरे से यह तेवर हटाने वाले हो आज तो मुस्कुराने वाले हो। और बेहतर होगा कि तुम यह काम आज से अभी से शुरू कर दो ,जब मैं नाश्ते की मेज पर आया तो मैंने मुस्कुराते हुए अपनी पत्नी से कहा, गुड मॉर्निंग माय डियर ! और यह कहते समय मुस्कुराया। 

" आपने मुझे चेतावनी दे दी थी कि वह हैरान हो जाएगी। आपने उसकी प्रतिक्रिया का अनुमान कम लगाया था। वह तो पागल हो गई ऐसा लग रहा था। जैसे उसे गहरा आघात लगा मैंने उसे बताया कि मैं भविष्य में भी लगातार ऐसा ही करता रहूंगा और मैंने ऐसा ही किया। 
मेरे बदले हुए नजरिया के कारण 2 महीनों में ही हमारे घर में खुशी का माहौल बन गया हमने 2 महीने में इतनी खुशियां हासिल कर ली की  जितनी कि पूरे साल में भी हासिल नहीं होती थी। 
"ऑफिस जाते समय भी मैं  मुस्कुराकर गुड मॉर्निंग करता हूं मैं मुस्कुराकर दरबान का अभिवादन करता हूं मैं छुट्टी मांगते समय कैशियर को देखकर मुस्कुराता हूं। जब मैं स्टॉक एक्सचेंज में पहुंचता हूं तो वहां पर उन लोगों की तरफ देखता हूं देखकर मुस्कुराता हूं जिन्होंने  मुझे पहले कभी मुस्कुराते हुए नहीं देखा। 

"मैंने जल्द ही यह पाया कि हर कोई मेरी मुस्कुराहट के बदले में मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा रहा है। जो मेरे पास शिकायत या समस्या लेकर आते हैं मैं प्रसन्नता से उनका स्वागत करता हूं। मैं उनकी बातें सुनते समय मुस्कुराता हूं और मैंने पाया कि इस तरह से समाधान निकालना ज्यादा आसान हो जाता है। मैंने पाया कि मुस्कुराहट की वजह से मैं ज्यादा डॉलर कमा पा रहा हूं, हर दिन ज्यादा डॉलर।
 
"मैं जिस ऑफिस में हूं वही दूसरे ब्रोकर का ऑफिस भी है वहां काम करने वाला एक कलर्क बहुत बढ़िया आदमी है और मैं मुस्कुराहट के परिणामों से इतना उत्साहित हो गया हूं। कि मैंने उसे हाल ही में संबंधों को सुधारने की अपनी नई "फिलोसफी " सभी के बारे में बताया उसने उस समय स्वीकार किया कि कुछ समय पहले तक वह  मुझे बहुत खड़ूस आदमी समझता था। पर अब मेरे बारे में उसकी धारणा बदल गई है उसने कहा कि जब मैं मुस्कुराता हूं तो सचमुच जिंदा दिल लगता हूँ। 

"मैंने लोगों की बुराई करना भी छोड़ दिया है मैं आलोचना करने के बजाय प्रशंसा और  सराहना करने लगा हूं। मैंने यह बोलना छोड़ दिया है कि मैं क्या चाहता हूं। मैं अब सामने वाले व्यक्ति के नजरिए को समझने की कोशिश करता हूं इन चीजों से मेरी जिंदगी में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ मैं अब पूरी तरह बदल गया हूं। और पहले से ज्यादा खुश और अमीर हूं। मेरे पास अब दोस्तों और खुशियों की दौलत है। और यही तो वह चीजें हैं जो असली महत्व की है। "
आपको मुस्कुराना मुश्किल लगता है तो फिर क्या करें? आप दो काम कर सकते हैं पहली बात तो यह कि खुद को मुस्कुराने पर मजबूर करें जब आप अकेले हो तो सिटी बजाए या गुनगुनाए या गायें  इस तरह व्यवहार करें जैसे आप सचमुच खुश हो और कुछ समय बाद आपको खुशी का अनुभव होने लगेगा। मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक विलियम जेम्स ;-ने इसी बात को इस तरह से कहा था : 

" हमें लगता है कि हमारे कार्य हमारी भावनाओं का अनुसरण करते हैं, परंतु वास्तव में कार्य और भावना साथ साथ ही चलते हैं और कार्य पर नियंत्रण करने से हम अपनी भावनाओं को नियंत्रित कर सकते हैं क्योंकि अपने कार्यों पर नियंत्रण करना ज्यादा आसान है ,जबकि अपनी  भावनाओं को नियंत्रित करना कठिन है। 
" तो खुश रहने का एकलौता रास्ता यह है कि चाहे हम खुश ना हो, पर हम इस तरह बोलें और व्यवहार करें जैसे हम सचमुच खुश हों। ... . !" 

 दुनिया में हर व्यक्ति खुशी की तलाश में है। और इसे हासिल करने का एक ही रास्ता है। अपने विचारों को नियंत्रित करके खुशी हासिल करना खुशी हमारी बाहरी परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करती।  यह तो हमारी  अंदरूनी परिस्थितियों  पर निर्भर करती है। 
सुख हो या दुख का इस बात से कोई संबंध नहीं है कि आपके पास कितना है या आप क्या हैं या आप कहां हैं या आप क्या कर रहे हैं। इसका सम्बन्ध तो इस बात  से है की आप इस बारे में क्या सोचते हैं। उदहारण के तौर पर दो लोग एक ही जगह पर एक ही काम करें और उनके पास एक बराबर पैसा और प्रतिष्ठा हो तो भी यह हो सकता है की एक दुखी और एक सुखी। क्यों ?क्योंकि उनका  परिस्तिथियों को देखनी का  नजरिया अलग अलग है। मैंने चिलचिलाती धूप में खेतों में काम कर रहे गरीब किसानो को भी उतना ही सुखी देखा है जितना की न्यूयार्क ,शिकागो में AC ऑफिसों में काम करने वालों को।  

 शेक्सपियर  ने कहा था ,"कोई भी चीज़ बुरी या अच्छी नहीं होती ,हमारा नजरिया ही उसे अच्छा या बुरा बनाता है। "

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