हर व्यक्ति यह आग्रह पसंद करता है

 हर व्यक्ति यह आग्रह पसंद करता है :-

मैं मिसौरी में जेसी जेम्स के इलाके में बड़ा हुआ था। मैं मिसौरी के जेम्स फॉर्म गया, जहां जेसी जेम्स  का पुत्र अब भी रहता था। उसकी पत्नी ने मुझे किस्से सुनाए कि किस तरह जेसी ट्रेन और बैंकों को लूटा करता था और लूटे हुए पैसे को गरीबों में बांट दिया करता था। ताकि वे अपने गिरवी रखी हुई जमीन छुड़ा लें। 

जेसी जेम्स खुद को उसी तरह आदर्शवादी और परोपकारी समझता था जैसा कि" रोबिनहुड " खुद को समझता था  सच तो यह है कि आप जिन लोगों से मिलते हैं उनमें से ज्यादातर खुद को अच्छा और निस्वार्थ समझते हैं। 

JP Morgan  ने एक बार कहा था कि किसी भी काम को करने के पीछे आमतौर पर इंसान के पास दो कारण होते हैं : पहला कारण वास्तविक होता है और दूसरा कहने सुनने में अच्छा लगता है। 

 यह कहने की जरूरत नहीं है कि हर व्यक्ति वास्तविक कारण जानता है। परंतु चुकी हम सभी लोग दिल से आदर्शवादी होते हैं, इसलिए हम उन कारणों के बारे में सोचना पसंद करते हैं जो कहने सुनने में अच्छे लगते हैं।  इसलिए अगर आप लोगों को बदलना चाहते हैं। तो आदर्शवादी कारणों का सहारा लीजिए। 

  क्या यह आदर्शवादी तरीका बिजनेस में भी काम करता है? 


आइए ,देखते हैं गोल्डन पेंसिलवेनिया में फैरेल - मिशेल कंपनी के हैमिल्टन फैरेल  का उदाहरण ले। फैरेल के  एक चिड़चिड़े  किराएदार ने घर खाली करके चले जाने की धमकी दी। हालांकि समझौते के अनुसार उसे 4 महीने तक वहीं रहना था। फिर भी उसने यह नोटिस थमा दिया कि वह तत्काल मकान खाली करके जा रहा है ,चाहे  समझौता कुछ भी हुआ हो। 

फैरेल  ने बताया ,"यह लोग मेरे मकान में सर्दियाँ गुजार चुके थे। जब मकान साल भर में सबसे महंगे होते हैं। मैं जानता था कि शरद ऋतु के पहले नया किराएदार मिलना मुश्किल है। मैं साफ देख सकता था की। किराए की मेरी सारी आमदनी डूबने वाली है। मैं पागल हो गया था 

    "आमतौर पर मैंने यह किया होता कि मैंने उसके पास जाकर उसे लीज के समझौते को फिर से पढ़ने की सलाह दी होती। मैंने बताया होता कि अगर उसने मकान खाली किया तो उसे पूरे का पूरा किराया चुकाना पड़ेगा -और मैं कानूनी तरीकों का इस्तेमाल करके उससे पैसा वसूल कर सकता था।  और मैंने ऐसा ही किया होता। 

    "परंतु मैंने गुस्से में आकर विवाद बढ़ाने के बजाय दूसरी तकनीक का इस्तेमाल करने का निश्चय किया। मैंने कहा, मिस्टर डो , मैंने आपकी बात सुन ली है और मुझे अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि आप मकान खाली करना चाहते हैं। वर्षों तक किराए पर मकान देने के कारण मुझे मानव स्वभाव का काफी ज्ञान हो चुका है। और आप जब मकान लेने आए थे। तभी मैंने यह देख लिया था कि आप अपने वादे के पक्के इंसान हैं।  मुझे अब भी यही लगता है इसलिए मैं आपके सामने यह जोखिम भरा प्रस्ताव रखना चाहता हूं। 

       " यह रहा मेरा प्रस्ताव। इस पर कुछ दिन सोचे और फिर जवाब दें। अगर आप पहली तारीख तक आकर मुझसे यह कहेंगे कि आप  अब भी मकान छोड़ना चाहते हैं तो मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं आप के निर्णय को अंतिम मान लूंगा। मैं आपको जाने दूंगा और यह मान लूंगा कि आपके बारे में मेरी धारणा गलत थी। कि आप वादे के पक्के इंसान हैं परंतु मेरा अब भी विश्वास है कि आप अपने वादे के पक्के इंसान हैं और आप समझौते का पालन करेंगे। हम या तो आदमी हैं या फिर बंदर -और विकल्प चुनना आमतौर पर हमारे अपने हाथ में होता है। 

      "अगले महीने बाद किराएदार आया और उसने मुझे खुद किराया दिया उसने कहा कि उसने और उसकी पत्नी ने इस बारे में चर्चा की और रुकने का फैसला किया। वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि अपने सम्मान को बचाए रखने का उनके पास यही इकलौता तरीका था। कि वह लीज की शर्तों के अनुसार चलें। 

     जब लॉर्ड नॉर्थक्लिफ नहीं चाहते थे। कि एक अखबार उनकि  एक खास तस्वीर प्रकाशित करें, तो उन्होंने संपादक को एक पत्र लिखा। क्या पत्र में उन्होंने यह लिखा ,"कृपया मेरी यह तस्वीर मत छापिए, क्योंकि मैं उस तस्वीर को पसंद नहीं करता। "नहीं, उन्होंने एक आदर्शवादी बात कही उन्होंने हर आदमी के दिल में मौजूद मां के प्रति प्रेम और सम्मान की भावना का सहारा लिया। उन्होंने लिखा "कृपया मेरी वह तस्वीर मत छापिए। वह तस्वीर मेरी मां को पसंद नहीं है। " फिर ऐसा ही हुआ उन्होंने वह तस्वीर नहीं छापी। 

        जॉन डी. रॉकफेलर जूनियर नहीं चाहते थे कि अखबार के कैमरामैन उनके बच्चों के फोटो ले। उन्होंने यह नहीं कहा मैं नहीं चाहता कि मेरे बच्चों की तस्वीर छपे। " नहीं ,उन्होंने हमारे अंदर छुपी उस इच्छा का सहारा लिया जो बच्चों को नुकसान से बचाना चाहती है।  उन्होंने यह कहा "आप में से कई लोगों के बच्चे होंगे और आप तो जानते ही हैं कि बच्चों को इतना प्रचार मिलना उनके लिए अच्छा नहीं होगा। "

पेंसिल्वेनिया  के गरीब लड़के साइरस कार्टिश  जब अपना करियर शुरू कर रहे थे जिसने उन्हें "द सैटरडे इवनिंग पोस्ट और लेडीस होम जनरल  "का मालिक बनाकर करोड़ों की कमाई दी,तो वे अपने लेखकों को उतनी राशि नहीं दे सकते थे, जितनी उनके दूसरे -प्रतिद्वंदी  दे सकते थे। वे सिर्फ पैसे के लिए नामि लेखकों से लेख नहीं लिखवा सकते थे। इसलिए उन्होंने आदर्शवादी कारणों का सहारा लिया। उदाहरण के लिए उन्होंने, लिटिल वीमेन की  अमर लेखिका लुईसा अलकॉट को भी अपने समाचार पत्र के लिए लिखने पर राजी कर लिया और उन्होंने यह काम उस समय किया जब वह अपनी प्रसिद्धि के शिखर पर थीं। साइरस कार्टिश ने  यह किस तरह किया ?  $100 का चेक देकर ,जो लुईसा  नहीं बल्कि उनके फेवरेट संस्था के नाम पर था। 

         संदेहवादी व्यक्ति यहां पर कह सकता है : "यह सब नॉर्थक्लिफ और रॉकफेलर या किसी भाव उपन्यासकार के लिए सही हो सकता है। परंतु मैं यह देखना पसंद करूंगा कि यह उन कठोर लोगों के साथ कैसे सफल होगा, जिनसे मुझे वसूली करनी पड़ती है। "

             आप सही हो सकते हैं। कोई भी सिद्धांत सभी मामलों में सफल नहीं होगा -हर व्यक्ति के साथ काम नहीं करेगा। अगर आप उन परिणामों से संतुष्ट हैं जो आपको आज मिल रहे हैं, तो आपको बदलने की क्या जरूरत है ?परंतु अगर आप असंतुष्ट हैं, तो प्रयोग करके देखने में हर्ज क्या है ?

चाहे जो हो मुझे लगता है कि आपको मेरे पूर्व साथी  जेम्स थॉमस की यह सच्ची कहानी पढ़ने में आनंद आएगा : 

       एक ऑटोमोबाइल कंपनी के 6 ग्राहकों ने सर्विसिंग के बिल चुकाने से इंकार कर दिया। किसी भी ग्राहक ने पूरे बिल पर आपत्ति नहीं उठाई थी। परंतु सभी का यह कहना था कि उन्हें जरूरत से ज्यादा बिल दिया गया था। बिल  कार्ड पर हर ग्राहक के हस्ताक्षर थे ,इसलिए कंपनी जानती थी कि कंपनी दावा सही था, और कंपनी ने यही बात ग्राहकों को पत्र में लिख कर भेजवादी।  यह पहली गलती थी। 

          क्रेडिट डिपार्टमेंट के आदमियों ने वसूली के लिए यह कदम उठाया है आपको क्या लगता कि यह सफल हुए होंगे? 
1  कंपनी के एजेंट हर ग्राहक के घर गए और उन्हें साफ-साफ बता दिया कि वह उस बिल की वसूली के लिए आए हैं जिसका भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है 
2  उन्होंने यह स्पष्ट बता दिया कि कंपनी पूरी तरह सही थी, इसलिए ग्राहक पूरी तरह से गलत था। 
3  उन्होंने यह बताया कि ऑटोमोबाइल की जितनी समझ ग्राहकों को है उससे बहुत ज्यादा समझ ऑटोमोबाइल कंपनी को है इसलिए ग्राहकों को बहस  नहीं करना चाहिए। 
4  परिणाम: बहस चलती रही। 

      क्या इनमे से किसी भी तरीके से ग्राहक मान गया और उसने अपने बिल का भुगतान कर दिया? आप इसका जवाब खुद ही दे सकते हैं। 

       इस स्थिति में क्रेडिट मैनेजर कानूनी कार्रवाई करने के मूड में आ चुका था। तभी सौभाग्य से यह मामला जनरल मैनेजर की नजर में आया मैनेजर ने पैसे ना चुकाने वाले ग्राहकों  की जांच पड़ताल की और उससे यह पता चला कि यह सभी ग्राहक आमतौर पर अपने बिलों का तत्काल भुगतान करते हैं। इसलिए इस बात की संभावना थी कि कहीं ना कहीं वसूली के तरीके में कुछ ना कुछ गड़बड़ी हुई है। इसलिए उसने मेरे  दोस्त जेम्स थामस को बुलाया और उससे कहा कि वह इन ना वसूल होने वाले बिलों की वसूली करें। 

  मिस्टर थामस ने क्या कदम उठाए ,यह उन्हीं के शब्दों में सुनिए : 

1  हर ग्राहक के पास मैं भी एक पुराना बिल वसूल करने गया था -एक ऐसा बिल जिसके बारे में हम जानते थे कि हम पूरी तरह सही हैं। परंतु मैंने  इस बारे में एक भी शब्द नहीं कहा। मैंने बताया कि मैं यह जानने आया हूं कि कंपनी ने उनके लिए क्या किया है या क्या नहीं किया है। 

2  मैंने यह स्पष्ट कर दिया कि जब तक मैं ग्राहक की पूरी बात नहीं सुन लेता, तब तक मैं इस कंपनी के बारे में अपनी राय नहीं बना सकता मैंने उसे बताया कि कंपनी हमेशा सही नहीं होती और कंपनी से भी गलतियां होती है।

3  मैंने उसे बोलने दिया  कि मेरी रुचि केवल उसकी कार में थी और वह अपनी कार के बारे में जितना जानता है उतना कोई दूसरा नहीं जान सकता। अपनी कार के मामले में वह सबसे बड़ा विशेषज्ञ है। 

4  मैंने उसे बोलने दिया और मैं पूरी रुचि और सहानुभूति से उसकी बात सुनता रहा यही उसे चाहिए था। 

5 आखिरकार जब दोस्ताना माहौल बन गया तो मैंने पूरे मामले को उसके विवेक और अंतरात्मा पर छोड़ दिया मैंने आदर्शवादी कारणों का सहारा लिया। मैंने कहा," पहले तो मैं आपको बताना चाहता हूं कि मुझे लगता है कि कंपनी ने इस प्रकरण को ठीक से नहीं संभाला कंपनी के लोगों के कारण आपको बहुत परेशानी और असुविधा  उठानी पड़ी है। ऐसा नहीं होना चाहिए था। मैं अपनी कंपनी की तरफ से माफी मांगता हूं। अभी तक की चर्चा में मैं जान गया हूं कि आप में काफी धैर्य और समझ है इसलिए अब मैं आपसे एक मदद चाहता हूं दूसरा कोई भी व्यक्ति यह  काम आप से बेहतर तरीके से नहीं कर सकता, क्योंकि इसके बारे में आप किसी भी दूसरे व्यक्ति से ज्यादा जानते हैं यह रहा आपका बिल  मैं आप पर भरोसा कर सकता हूं। इसलिए मैं यह आप पर ही छोड़ देता हूं कि आप हमें कितना भुगतान करें यह आपका बिल है और आप इसमें से जितनी राशि का भुगतान करना चाहे कर दें। आपका फैसला हमें मान्य होगा। 

 क्या ग्राहकों ने बिल की राशि पूरी नहीं चुकाई ? चुकाई और ऐसा  करने में उन्हें रोमांच का अनुभव भी हुआ बिल की राशि  $150 से लेकर $400 के बीच थी परंतु क्या ग्राहक ने स्वार्थ पूर्ण रवैया का परिचय दिया? हां उनमें से एक ने ऐसा किया एक आदमी ने विवादित राशि का भुगतान नहीं किया। परंतु बाकी पांच ने विवादित राशि के अधिकांश हिस्से का भुगतान कर दिया, और इससे भी बड़ी बात यह कि इन सभी 6 ग्राहकों ने अगले 2 सालों में हमारे कंपनी से नई कार खरीदी। 

 थॉमस का कहना है, " अनुभव ने मुझे यह सिखाया कि जब ग्राहक के बारे में कोई जानकारी हासिल ना हो सके तो यह मानना उचित है कि वह ईमानदार, गंभीर, सच्चा है और बिल का भुगतान करने को इच्छुक है,परंतु तभी जब उसे  यह विश्वास हो जाए कि बिल सही है। इसे अलग तरह से और शायद अधिक स्पष्ट ढंग से इस तरह कहा जा सकता है। कि ग्राहक आमतौर पर ईमानदार होते हैं और भुगतान करना चाहते हैं। इस नियम के बहुत कम अपवाद होते हैं। और मुझे विश्वास है कि ऐसे लोगों को भी अगर आप यह एहसास दिला दें कि आप उन्हें ईमानदार समझते हैं, तो वह आपके साथ ईमानदारी से पेश आएंगे। " 


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