असफलता की सबसे बड़ी बीमारी !

 

चूँकि सफलता का संबंध लोगों से है। इसलिए सफल होने के लिए यह जरूरी है कि आप लोगों को अच्छी तरह से समझ लें। अगर आप लोगों को ध्यान से देखेंगे तो आप उनसे यह  सीख सकते हैं कि जिंदगी में सफल कैसे हुआ जा सकता है। और यह सीखने के बाद आप उसे अपने जीवन में उतार भी सकते हैं ;अभी हाल, बिना देरी के। 

लोगों का अध्ययन गहराई से करें और जब आप ऐसा करेंगे तो आप देखेंगे कि असफल लोगों को दिमाग की एक भयानक बीमारी होती है। हम इस बीमारी को अपेंडिसाइटिस की तर्ज पर बहानासाइटिस(excusitis )  का नाम दे सकते हैं। हर असफल व्यक्ति में यह बीमारी बहुत विकसित अवस्था में पाई जाती है। और ज्यादातर "आम" आदमियों में यह बीमारी थोड़ी बहुत तो होती ही है। 

आप पाएंगे कि बहानासाइटिस की बीमारी सफल और असफल व्यक्तियों के बीच का सबसे बड़ा अंतर होता है सफलता की सीढ़ियों पर बिना रुके चढ़ने वाला व्यक्ति बहानासाइटिस का रोगी नहीं होता ,जबकि असफलता की ढलान पर लगातार फिसलने वाला व्यक्ति बहाना से गंभीर रूप से पीड़ित होता है। अपने आसपास के लोगों को देखने पर आप पाएंगे कि जो व्यक्ति जितना सफल होता है, वह उतने ही कम बहाने बनाता है। परंतु जो व्यक्ति कहीं नहीं पहुंच पाता और उसके पास कहीं पहुंचने की कोई योजना भी नहीं होती, उसके पास बहाने थोक में मौजूद रहते हैं। असफल लोग फ़ौरन  से बता देते हैं कि उन्होंने अमुक काम क्यों नहीं किया ,या वे उसे क्यों नहीं करते, या वे उसे क्यों नहीं कर सकते ,या यह कि वे असफल क्यों है। 

Successful लोगों की जिंदगी का अध्ययन करें और आप उन सब में एक बात पाएंगे असफल लोग जो बहाने बनाते हैं Successful व्यक्ति भी वही बहाने बना सकता है परंतु वह बहाना नहीं बनाता। 

मैं जितने भी बेहद Successful बिजनेसमैन हो, मिलिट्री ऑफिसर सेल्समैन प्रोफेशनल व्यक्तियों या किसी भी क्षेत्र के बारे में सुना है उनके सामने बहानो  की कोई कमी नहीं थी। रूज़वेल्ट  अपने बेजान पैरों का बहाना बना सकते थे ;ट्रूमैन शिक्षा की कमी का बहाना बना सकते थे ; कैंडी यह कह सकते थे "प्रेसिडेंट बनते वक्त कि मेरी उम्र कम थी " जॉनसन और आइजनहावर हार्ट अटैक के बहाने के पीछे छुप सकते थे। 

किसी भी बीमारी की तरह बहानासाइटिस का अगर वक्त पर सही इलाज नहीं किया जाए तो हालत बिगड़ सकती है।  विचारों की इस बीमारी का शिकार व्यक्ति इस तरह से सोचता है : "मेरी हालत इतनी अच्छी नहीं है जितनी की होनी चाहिए। अब मैं लोगों के सामने अपनी इज्जत बचाने के लिए कौन सा बहाना बना सकता हूं  ? बुरी सेहत?  शिक्षा का अभाव ?  ज्यादा उम्र?  कम उम्र?  बदकिस्मती? व्यक्तिगत विपत्तियां ?  बुरी पत्नी ?   मां-बाप की गलत परवरिश ?  "

असफलता की बीमारी से पीड़ित व्यक्ति जब किसी "अच्छे बहाने "को चुन लेता है तो फिर वह इसे  कसकर पकड़ लेता है। कि फिर वह इस बहाने के सहारे लोगों को और खुद को यह समझाता है। कि वह जीवन में आगे क्यों नहीं बढ़ पा रहा है। 

और हर बार जब यह बीमार व्यक्ति बहाना बनाता है। तो वह बहाना उसके अवचेतन मन में और गहराई तक चला जाता है। जब हम उन में दोहराव की खाद डालते हैं तो विचार, चाहे वे सकारात्मक हो या नकारात्मक, ज्यादा तेजी से फलने-फूलने  लगते हैं।  शुरुआत में तो बहानासाईटिस  का रोगी जानता है। कि उसका बहाना झूठ है। परंतु जीतनी ज्यादा बार अपने बहाने को दोहराता है। उतना ही उसे लगने लगता है कि यही सच है और यही उसकी  असफलता  का असली  कारण  है। 

सफलता की राह में अपने चिंतन को सही दिशा में ले जाने के लिए सबसे पहले तो आपको यह कदम उठाना पड़ेगा कि आप बहानासाईटिस  के बचाव के लिए वैक्सीन लगवा ले। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि बहानासाइटिस  एक ऐसी बीमारी है जो इंसान को जिंदगी भर सफल नहीं होने देती। 

 बहानासाईटिस  की बीमारी कई तरह की होती है परंतु मोटे तौर पर यह 6 प्रकार की होती है सेहत का बहाना ,बुद्धि का बहाना ,उम्र का बहाना , किस्मत का बहाना, परिस्तिथि का बहाना,और  समय का बहाना। 

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