Ek Formula Jo Apke liye Chamatkar Kar De

 

याद रखिए दूसरे लोग पूरी तरह गलत हो सकते हैं। परंतु अपनी नजरों में वह गलत नहीं होते। उनकी आलोचना मत कीजिए। कोई भी मूर्ख ऐसा कर सकता है। उन्हें समझने की कोशिश कीजिए केवल समझदार, सहिष्णु और विरले लोग ही ऐसा करने की कोशिश करते हैं।

    सामने वाला व्यक्ति ऐसा व्यवहार क्यों कर रहा है या ऐसा क्यों सोच रहा है इसके पीछे कोई ना कोई कारण होता  है। उस कारण को जानिए -और आपको उसके कार्यों की कुंजी मिल जाएगी, शायद उसके व्यक्तित्व की कुंजी भी। 

 अपने आपको ईमानदारी से उसकी जगह रखने की कोशिश कीजिए। 

खुद से पूछिए," अगर मैं उसकी जगह होता तो मैं कैसा महसूस करता? "यदि आप ऐसा करते हैं तो आप चिढ़ने  से बच जाएंगे और अपना समय बचा लेंगे क्योंकि "कारण में रुचि लेकर आप परिणाम की आलोचना करने से बच सकते हैं। "इसके अलावा ,इससे मानवीय संबंधों की आप की कला भी तेज़ी से विकसित होगी। 

" एक  मिनट के लिए रुक कर सोचिए। आपकी अपने आप में बहुत रुचि है ,परंतु दूसरों में आपकी रूचि बहुत कम है दुनिया में हर व्यक्ति इसी तरह सोचता है। अगर आप यह जान लेंगे तो लिंकन और रूज़वेल्ट  की तरह आप भी मानवीय संबंधों की एकलौती बुनियाद को समझ लेंगे। आप जान लेंगे कि लोगों को प्रभावित करने के लिए आपको सामने वाले के नजरिए को सहानुभूति पूर्वक समझना होगा। "

सैम डगलस अपनी पत्नी से कहा करता था कि लोन की सफाई में मेहनत करके वह अपना समय बर्बाद करती है।  उसकी पत्नी सप्ताह में दो बार लॉन से खरपतवार  साफ करती थी। खाद डालती थी ,घास काटती  थी। इतनी मेहनत के बावजूद लॉन  की हालत वैसी ही नजर आती थी। जैसी कि यह 4 साल पहले थी। जब वे उस मकान में रहने आए थे। उनकी पत्नी चिढ़ जाती थी। और उसकी पूरी शाम बर्बाद हो जाती थी। 

मानवीय संबंधों को समझने  के बाद डगलस ने महसूस किया  कि वह इतने सालों से मूर्खतापूर्ण  व्यवहार कर रहा है। उसने सपने में भी नहीं सोचा था।  कि पत्नी को यह काम करने में आनंद आता होगा और इसलिए वह अपनी मेहनत के बारे में तारीफ सुनना चाहती होगी। 

एक शाम को उसकी पत्नी ने कहा कि वह लॉन से खरपतवार साफ करना चाहती है। और उसने अपने पति से भी साथ चलने को कहा।  पहले तो पति ने मना कर दिया बाद में विचार करने के बाद उसके साथ लॉन में गया और खरपतवार उखाड़ने में अपनी पत्नी का सहयोग करने लगा जाहिर था की पत्नी खुश हो गई और दोनों ने इकट्ठे कड़ी मेहनत करते हुए और साथ में रोचक चर्चा करते हुए 1 घंटे का समय बिताया। 

इसके बाद उसने बागवानी में अपनी पत्नी की मदद की और अपनी पत्नी की प्रशंसा करते हुए कहा की सफाई के बाद लॉन पहले से बेहतर दिख रहा है। उसने कहा कि कंक्रीट जैसी सख्त जमीन के बावजूद उसकी मेहनत के कारन लॉन की हालत बहुत सुधर गई परिणाम:  दोनों का वैवाहिक जीवन सुखी हो गया।  क्योंकि डगलस ने अपनी पत्नी के  नजरिये से देखना सिख लिया था। चाहे मामला खरपतवार जैसी छोटी चीज का ही था। 


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